Bluetooth kya hai, Bluetooth से जुडी सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में

आज हम आपको Bluetooth kya hai, Bluetooth का अविष्कार किसने किया, Bluetooth कैसे काम करता है, Bluetooth versions कौन से है और उनकी स्पीड कितनी है, Bluetooth के उपयोग क्या है के बारे में आपको हम Step By Step बताने वाले है.

Bluetooth kya hai? Bluetooth क्या है-

आज हम जानेंगे की bluetooth kya hai जो की Bluetooth एक वायरलेस तकनीक (Wireless Technology) है जिसके माध्यम से फाइलों, ऑडियो, वीडियो और डेटा का आदान-प्रदान करने के लिए दो या दो से अधिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को आपस में जोड़ा जाता है।

bluetooth kya hai

इस डिवाइस के इस्तेमाल से आप 10 या 100 मीटर की दूरी तक किसी भी एंगल से डिवाइसेज को कनेक्ट करके डेटा एक्सचेंज (Data Exchange) कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि सभी डिवाइसेज में ब्लूटूथ हो।

ब्लूटूथ तकनीक रेडियो तरंगों का उपयोग करती है जो उपकरणों को जोड़ती है। इस तकनीक के जरिए एक बार में 7 डिवाइसेज को कनेक्ट किया जा सकता है। इससे ज्यादा डिवाइसेज जोड़ने से डेटा एक्सचेंज करने में वक्त लग सकता है।

Bluetooth detail in hindi-

Bluetooth के Technical Specifications कुछ इस प्रकार हैं.

Specification    Feature Supported
RF Frequency                       2.4GHz 
Transmit Power 100 mW (Max.) 1mW (Min.)
Data Transfer RateAbout 1Mbps
Distance100 meter (Max.)
RF Bandwidth                       220 KHz से 1 MHz तक
Modulation Type                   Gaussian FSK (GFSK)
Number of RF carriers           79 (Max.) 23 (Min.)
Topology up to 7 links एक star configuration
Hopping Rate1600 Hops Per Second
Access Type                       FH-TDD-TDMA

Bluetooth का अविष्कार किसने किया? 

Bluetooth का आविष्कार 1994 में डॉ. जाप हार्टसन द्वारा किया गया था, जो एरिक्सन कंपनी में रेडियो सिस्टम पर काम कर रहे थे। 20 मई 1999 को, ब्लूटूथ स्पेशल इंटरेस्ट ग्रुप SIG की स्थापना की गई थी।

इसकी स्थापना 6 बड़ी कंपनियों Sony Ericsson, Nokia, Toshiba, IBM, Intel और Ericsson ने की थी।

Bluetooth नाम कैसे रखा गया-

Bluetooth का नाम डेनमार्क के राजा Harald “Bluetooth” Gormsson से लिया गया था जो दस्वी सदी मे सासन कीया करते थे.और Bluetooth technology का नाम ईसंके नाम से

इस लिए लिया गया क्यों की जब उस वक्त युद्ध के समय राजा Harald “Bluetooth” Gormsson ने सभी राजा को आपस मे समझोंता करने का न्योता दिया था ताकि युद्ध से बचा जा सके.

आपने जाना Bluetooth क्या है ?(What is Bluetooth in Hindi) ब्लूटूथ के वर्ज़न होते है.

Bluetooth कैसे काम करता है?

  • ब्लूटूथ का स्तेमाल किसी भी दो मोबाईल को आपस ब्लूटूथ को जोड़ कर किसी भी तरह का डाटा शेयर करने हेतु अथवा किसी भी कंप्युटर के Input Device जैसे माउस और Keyboard जोड़ने तथा या
  • फिर किसी भी कंप्युटर से प्रिंटर्र को जोड़ने इत्यादि मे इसका इस्तेमाल होता है जो की छोटे एरिया मे काम करता है.
  • किसी भी दो या उससे अधिक डिवाइस को आपस मे जुडने के लिए दोनों मे ब्लूटूथ होना चाहिए.
  • अपने डिवाइस को किसी दूसरे डिवाइस से ब्लूटूथ के जरिए जोड़ने के लिए दोनों ही डिवाइस मे ब्लूटूथ ऑन करे यह ऑप्शन आपको अपने डिवाइस के सेटिंग मे दिख जाएगा.
  • ब्लूटूथ ऑन होते ही वह खुद अपने आस पास मे ऑन ब्लूटूथ को सर्च करना सुरू करदेगा और आपके सामने उस सभी के लिस्ट देगा जीस डिवाइस मे ब्लूटूथ ऑन है.
  • आप जिस किसी भी डिवाइस ब्लूटूथ को जोड़ना चाहते उसे चुने और कनेक्ट करे.

Bluetooth versions कौन से है और उनकी स्पीड कितनी है

अब तक हमने जाना है की bluetooth kya hai or bluetooth का अविष्कार किसने किया अब हम जानेंगे के Bluetooth Versions कौन से है और उनकी स्पीड कितनी है सभी वर्सन के अलग स्पीड होते है और ब्लूटूथ के वर्ज़न सभी वर्ज़न आपस मे एक दूसरे के अनुकूल होते है.

bluetooth का अविष्कार किसने किया

और समय के साथ नए-नए वर्ज़न आते गए और हर वर्ज़न मे कुछ ना कुछ सुधार होता चल गया और आज हम बड़े ही आसानी से अपने फोन के साथ अनेकों accessory आपस मे फोन से जोड़ सकते है.

  • Bluetooth 1.0
  • Bluetooth 2.0
  • Bluetooth 2.1
  • Bluetooth3.0
  • Bluetooth 4.0
  • Bluetooth 4.1
  • Bluetooth 5.0

Bluetooth के versions और उनके बिच का अंतर क्या है-

  • Bluetooth 1.0
  • ब्लूटूथ 1.0 मे सुरकछा के मामले कुछ कमिया थी.
  • Bluetooth 2.0
    इसके बाद ब्लूटूथ 2.0 बनाया गया जो EDR सपोर्टेड था जिसका पूरा नाम Enhanced Data Rate है.इसमे हमे ब्लूटूथ 1.0 से ज्यादा फीचर्स देखने को मिला जिसमे शूरक्षा को बड़ाया गया और इसमे हमे डाटा रेट ज्यादा देखने को मिलता था.
  • Bluetooth3.0
    उसके बाद आया ब्लूटूथ 3.0 जिसमे हमे एक फीचर्स देखने को मिला जिसका नाम था HS इसका पूरा नाम है हाई स्पीड इसमे स्पीड ब्लूटूथ 2.0 से ज्यादा यानि 3 मेगा बाइट देखने को मिला पर यह स्पीड तो देता था पर यह एनर्जी ज्यादा खर्च करता था.
  • Bluetooth 4.0
    इसी को देखते हुए आया ब्लूटूथ 4.0 जिसकी स्पीड ब्लूटूथ 3.0 से मिलता झूलता था पर यह एनर्जी कम खर्च करता था.
  • Bluetooth 5.0
    फिर आया ब्लूटूथ 5.0 जिसे 2016 मे लौंच कीया गया जिसमे इसकी रेंज को बड़ा कर 40m करदिया गया.

Bluetooth के उपयोग क्या है-

  • यदि हम बात करें ब्लूटूथ के उपयोग क्या है या फिर Bluetooth Technology कितने प्रकार की होती है तो आज के समय में ब्लूटूथ का स्तेमाल बहुतों डिवाइस मे किया जा रहा जो किसी भी दो डिवाइस को आपस में बिना वायर के जोड़ने में मदद करता है।तो कुछ इस तरह से ब्लूटूथ का उपयोग कीया है।
  • किसी भी दो मोबाईल या फिर कहे स्मार्टफोन को आपस में छोटे डाटा फाइल को ट्रांसफर करने के लिए ब्लूटूथ का उपयोग कीया जाता है।
  • अपने अक्षर टीवी में प्रचार इत्यादि में देखा होगा की कैसे बिना किसी वायर के ही स्मार्टफोन के द्वारा प्रिंटर से प्रिन्ट निकाला जाता है तो bluetooth के मदद से हम प्रीत भी निकाल सकते है इसे हम Bluetooth Equipped Printer भी कहते है।
  • आज जड़ियों के infotainment system को भी हमारे स्मार्टफोन से बिना किसी वायर के जोड़ा जाता है जिसमे ब्लूटूथ का स्तेमाल कीया जाता है।
  • Bluetooth Tethering एक ऐसा फीचर है जिसके जरिए आप बिना वाईफाई के लपटॉप इत्यादि को स्मार्टफोन के जरिए जोड़ के इंटरनेट का स्तेमाल कर सकते है।
  • इसी तरह से ब्लूटूथ के और भी कई तरह के उपयोग है जो अलग अलग डिवाइस मे कीया जाता है पर सभी का पर्पस एक ही है डाटा का आदान प्रदान जैसे Bluetooth Keyboard,Bluetooth Headsets,Bluetooth Enables Webcam इत्यादि ।

Bluetooth के फायदे क्या हैं?

  • – Bluetooth के माध्यम से devices के बीच बिना किसी wire के data transfer किया जा सकता है
  • – Bluetooth में WiFi के अपेक्षा बहुत ही कम power consumption होता है.
  • – यह किसी दिवार के आर पार भी data transfer कर सकता है.
  • – इसकी range Infrared communication की तुलना में अधिक होती है.
  • – Bluetooth के माध्यम से होने वाला data transmission बहुत ही secure होता है, क्योकिं इस technology में FHSS का इस्तेमाल होता है.
  • – इस technology का इस्तेमाल Car System, Smartphones, Printer, Speakers, Head Phones, GPS System, Mouse, Keyboard इत्यादि में किया जा सकता है.
  • – Bluetooth Devices की किमत बहुत ही कम होती है जिसे कोई भी खरीद सकता है.
  • – Bluetooth devices को एक दुसरे के साथ pair करना बहुत ही आसान होता है. इसको install करने के लिए किसी भी तरह की कोई setup file की जरूरत नहीं होती.

Bluetooth के नुकसान क्या है?

  • WiFi की तुलना में इसकी bandwidth काफी कम होती है जो इसको अधिक limited बना देता है.
  • इसका सबसे बड़ा नुकसान इसकी security है. Bluetooth radio frequency पर operate करता है जिसके माध्यम से यह दीवारों को आसानी से penetrate कर सकता है.
  • इसलिए यह सलाह दी जाती है कि इसका इस्तेमाल किसी Business या Personal Data transfer के लिए न करें.

Conclusion-

  • जेसा की आज हमने आपको Bluetooth kya hai, Bluetooth का अविष्कार किसने किया, Bluetooth कैसे काम करता है, Bluetooth versions कौन से है और उनकी स्पीड कितनी है, Bluetooth के उपयोग क्या है के बारे में आपको बताया है.
  • इसकी सारी प्रोसेस स्टेप बाई स्टेप बताई है उसे आप फोलो करते जाओ निश्चित ही आपकी समस्या का समाधान होगा.
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ब्लूटूथ कौन सा नेटवर्क है?

bluetooth personal area network (pAN) में आता है.

ब्लूटूथ की दूरी कितनी है?

इस डिवाइस के इस्तेमाल से आप 10 या 100 मीटर की दूरी तक किसी भी एंगल से डिवाइसेज को कनेक्ट करके डेटा एक्सचेंज (Data Exchange) कर सकते हैं.

ब्लूटूथ का मालिक कौन है?

Bluetooth का आविष्कार 1994 में डॉ. जाप हार्टसन द्वारा किया गया था, जो एरिक्सन कंपनी में रेडियो सिस्टम पर काम कर रहे थे। 20 मई 1999 को, ब्लूटूथ स्पेशल इंटरेस्ट ग्रुप SIG की स्थापना की गई थी।

ब्लूटूथ का नाम कैसे पड़ा?

Bluetooth का नाम डेनमार्क के राजा Harald “Bluetooth” Gormsson से लिया गया था जो दस्वी सदी मे सासन कीया करते थे.और Bluetooth technology का नाम ईसंके नाम से

ब्लूटूथ शब्द कहां से आया है?

Bluetooth का नाम डेनमार्क के राजा Harald “Bluetooth” Gormsson से लिया गया था जो दस्वी सदी मे सासन कीया करते थे.और Bluetooth technology का नाम ईसंके नाम से आया

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