भारत के 14 वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के कार्यकाल के बाद अब द्रौपदी मुर्मू जी को 21 जुलाई को भारत की 15 वि राष्ट्रपति बन गयी है। 2022 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष ने अगले राष्ट्रपति के लिए यशवंत सिन्हा को अपनी पसंद के रूप में नामित किया है 

ओडिशा के वह भारत के राष्ट्रपति के लिए नामित होने वाली अनुसूचित जनजाति से संबंधित पहली व्यक्ति हैं, और वह झारखंड की पहली राज्यपाल भी हैं, जिन्होंने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया और फिर से चुनाव के लिए पात्र बन गईं। 

इनके पति श्याम चरण मुर्मू उनका निधन 2014 में हुआ था।  और उनके दो बेटे थे, जिनमें से एक का नाम लक्ष्मण मुर्मू है, जिनकी मृत्यु 2009 में हुई थी और दूसरे की 2013 में मृत्यु हो गई थी। 

– 2022 में, वह 2022 के भारतीय राष्ट्रपति चुनावों के लिए भारत के राष्ट्रपति पद के लिए नामांकित होने वाली पहली आदिवासी बनीं। उनके नाम की घोषणा के बाद, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर लिखा और लिखा,

– द्रौपदी मुर्मू ने 1997 में रायरंगपुर नगर पंचायत के पार्षद के रूप में राजनीति में प्रवेश किया। वह भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जनजाति मोर्चा की उपाध्यक्ष भी थीं।