BPSC Kya Hai, Bpsc की तैयारी कैसे करे, BPSC से मिलने वाले Post और सैलरी हिंदी में.

BPSC Kya Hai, Bpsc की तैयारी कैसे करे, BPSC से मिलने वाले Post और सैलरी हिंदी में.

आज हमें जानेंगे की BPSC Kya Hai, Bpsc की तैयारी कैसे करे, BPSC full form in Hindi, BPSC में कौन कौन सी पोस्ट होती है, BPSC EXAM PATTERN IN HINDI, BPSC में वेतन कितना मिलता है के बारे में आपको बताने वाले है.

BPSC Kya Hai-

BPSC कंबाइंड कंपेटिटीव एग्जामिनेशन (BPSC CCE) एक राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा है, जो बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य के अंतर्गत विभिन्न प्रशासनिक पदों पर भर्ती के लिए प्रत्येक वर्ष आयोजित की जाती हैं.

बीपीएससी कंबाइंड कंपेटिटीव एग्जामिनेशन (BPSC CCE) को संक्षेप में बीपीएससी सिविल सेवा परीक्षा कहा जाता है.
इसके अलावा बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा दो और परीक्षाएं भी आयोजित किया जाता हैं, जिनके नाम निम्नलिखित हैं :

बिहार न्यायिक सेवा (जूनियर डिवीजन) परीक्षा [Bihar Judicial Services (junior division) Examination]
सहायक अभियोग अधिकारी परीक्षा [ Assistant Prosecuting Officers Exam ]
इस पोस्ट में हमलोग सिर्फ बीपीएससी कंबाइंड कंपेटिटीव एग्जामिनेशन (BPSC CCE) के बारे में ही जानेंगे.

यह भी पढ़े – UPSC KYA HAI, UPSC की तैयारी कैसे करें, UPSC Exam Details हिंदी में.

BPSC आयु सीमा-

BPSC के लिए न्यूनतम आयु 20, 21 और 22 वर्ष है. इन तीनों में से आपकी कितनी आयु होनी चाहिए ये आपके पद (post) पर निर्भर करता है. जैसे बिहार प्रशासनिक सेवा (administrative service) के लिए आपकी न्यूनतम 22 वर्ष आयु होनी चाहिए.

बीपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम के लिए अधिकतम आयु सीमा (upper age limit) विभिन्न श्रेणियों के लिए निम्नलिखित हैं.

  • श्रेणी अधिकतम आयु सीमा
  • सामान्य श्रेणी – पुरुष 37 वर्ष
  • सामान्य श्रेणी – महिला 40 वर्ष
  • बीसी/ओबीसी 40 वर्ष
  • एससी/एसटी 42 वर्ष

BPSC full form in Hindi-

आपने हिंदी में जान लिया कि BPSC का मतलब बिहार लोक सेवा आयोग है, लेकिन अब हम आपको BPSC का वास्तविक मतलब बताते हैं। BPSC का अंग्रेजी में वास्तविक मतलब Bihar Public Service Commission होता है, जिसे हिंदी में बिहार लोक सेवा आयोग के नाम से जाना जाता है। BPSC चार अंग्रेजी अक्षरों से मिलकर बना है जो B P S C है। तथा यहां पर B का मतलब बिहार, P का मतलब Public, S का मतलब Service, तथा C का मतलब Commission होता है।

BPSC का इतिहास-

बिहार राज्य के लिए लोक सेवा आयोग की परीक्षा बिहार राज्य के गठन यानी कि 1 अप्रैल 1949 से शुरू हुई है। बिहार का गठन करने के लिए उड़ीसा राज्य तथा मध्य प्रदेश राज्य से बिहार राज्य को अलग किया गया था, और बिहार राज्य बनने के बाद बिहार राज्य के लोक सेवा आयोग के मुख्यालय को रांची से पटना शिफ्ट किया गया था।

राज्य लोक सेवा आयोग के बारे में भारत के संविधान के भाग 14 में विस्तार के प्रावधान किए गए हैं। इसके लिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 315 से लेकर के 323 तक Public Service कमिशन इन India के बारे में पूरी जानकारी दी गई है, जिसमें राज्य लोक सेवा आयोग के बारे में भी पूरी जानकारी दी गई है।

Public Service Commission India दो प्रकार की होती हैं जिसमें:-

  • Union Public Service Commission of India
  • State Public Service Commission of India

State Public Service Commission of India के अंतर्गत राज्य को तथा संघ को अपने लिए All India Service तथा State Civil Service की परीक्षा आयोजित करने का अधिकार होगा।
इसके अंतर्गत राज्यों और संघ के लिए Bureaucrats चुने जाएंगे, जो राज्य स्तर पर अपने राज्य को संभालने का काम करेंगे, और All India Service के अंतर्गत पूरे भारतवर्ष को संभालने का काम करेंगे।

BPSC के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज –

  • आधार कार्ड नंबर
  • फोन नंबर
  • ईमेल आईडी
  • निवास प्रमाण पत्र
  • जाति प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • 10वीं की मार्कशीट
  • 12वीं की मार्कशीट
  • स्नातक की डिग्री

BPSC के लिए पात्रता –

  • आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
  • आवेदक के पास बिहार का मूल निवास प्रमाण पत्र होना चाहिए।
  • यदि कोई आवेदन अन्य राज्यों से आवेदन करना चाहता है तो वह केवल सामान्य श्रेणी के पदों के लिए आवेदन कर पाएगा।
  • आवेदक दिव्यांग है उसके पास दिव्यांग सर्टिफिकेट होना चाहिए।
  • आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • आवेदक के पास स्नातक की डिग्री होना चाहिए।

BPSC में कौन कौन सी पोस्ट होती है –

  • ASI (एएसआई)
  • Assistant Operators (सहायक ऑपरेटर)
  • Assistant Engineer (सहायक अभियंता)
  • Assistant Superintendent- Jail (सहायक अधीक्षक- जेल)
  • Anchal Padadhikari (आंचल पदाधिकारी)
  • Block Minority welfare officer (ब्लॉक अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी)
  • Deputy Superintendent of Police
  • District President
  • Food and Supply Inspector
  • Excise Inspector
  • Inspector rank officers
  • Minority Welfare Officer
  • Police Constable
  • Prisoner, Prison and Correctional Services Inspectorate
  • Planning Officer / District Planning Officer (Gazetted)
  • Range Officer (Forest Department)
  • Revenue Officer
  • Sub Divisional Magistrate (SDM)
  • Etc……………

BPSC EXAM PATTERN IN HINDI-

बीपीएससी कंबाइंड एग्जाम (BPSC CCE) तीन चरणों में होती है.

  • प्रारंभिक परीक्षा (Prelims)
  • मुख्य परीक्षा (Mains)
  • इंटरव्यू

BPSC PRELIMS EXAM PATTERN IN HINDI-

इसमें सिर्फ एक सामान्य अध्ययन (General Studies) का पेपर होता है. जिसकी अवधि 2 घंटे होती है. ये पेपर 150 अंक का होता है. इसमें सभी वस्तुनिष्ठ (objective) प्रश्न पूछे जाते हैं.

इसमें निगेटिव मार्किंग नहीं होती है.
परीक्षा सिर्फ मैंस के लिए योग्य अभ्यर्थियों को छांटने के लिए होता है. इसका अंक फाइनल मेरिट में नहीं जोड़ा जाता है. इसमें सभी प्रश्न हिंदी और अंग्रेजी में होते हैं.

BPSC MAINS EXAM PATTERN IN HINDI-

बीपीएससी मैंस में कुल चार पेपर होते हैं और चारों पेपर विवरणात्मक (subjective) होते हैं. सभी पेपर की अवधि 3 घंटे की होती हैं. चारों पेपर का विवरण निम्नलिखित हैं.

  • पेपर अंक
  • सामान्य हिंदी 100
  • सामान्य अध्ययन 1 300
  • सामान्य अध्ययन 2 300
  • ऑप्शनल सब्जेक्ट 300

BPSC INTERVIEW TEST-

बीपीएससी मैंस परीक्षा पास कर लेने के बाद पर्सनल इंटरव्यू होता है जिसे पर्सनेलिटी (Personality) टेस्ट भी कहां जाता हैं.

इसमें आपका व्यक्तित्व परीक्षण, प्रशासनिक योग्यता, निर्णयन क्षमता आदि जांचा जाता है.

बीपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम का इंटरव्यू 120 अंको का होता हैं. फाइनल मेरिट लिस्ट मुख्य लिखित परीक्षा और इंटरव्यू में प्राप्त अंको को मिलाकर बनता है. यानी (900 + 120) 1020 अंक में से.

BPSC की तैयारी कैसे करे-

अब तक हमने जाना है BPSC Kya Hai, BPSC full form in Hindi के बारे बताया है अब हम जानेंगे की BPSC की तैयारी कैसे करे.

बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा राज्य स्तर पर ली जाने वाली परीक्षा है. यदि हम सभी राज्यों में से सर्वोच्च राज्य स्तरीय परीक्षा को देखे तो बिहार तीसरे स्थान पे पाया गया है. इससे हम ये समझ सकते है की बी.पि.एस.सी की परीक्षा में सफल होना इतना आसन नहीं होता है.

उम्मीदवार यदि अच्छी एवं सही तैयारी करे तो इस परीक्षा में सफल हो सकते है. हमारी इस लेख में आपका मार्गदर्शन किया जयेगा की परीक्षा की अच्छी तैयारी कैसे करनी चाहिए.

किसी भी विद्यार्थी को तैयारी शुरू करने से पहले परीक्षा का पाठ्य विवरण समझना ज़रूरी होता है. पाठ्य विवरण समझने से विद्यार्थी को उसके कमज़ोर बिंदु का पता चलता है और वह उस कमज़ोर बिंदु पे कठिन परिश्रम कर सकता है.

पुराने प्रश्न पत्रों को हल करे
परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पुराने प्रश्नों के साथ अभ्यास करना शिक्षकों की पहली पसंद है. इसमें समय के बचत के साथ-साथ प्रश्नों का भी अंदाजा लगता है कि इस वर्ष BPSC एग्जाम में कैसे प्रश्न होने वाले है.

3 से 4 साल तक के पुराने प्रश्न पत्रों को नियमित हल करे और एग्जाम पैटर्न का हमेशा ध्यान रखे. क्योंकि पैटर्न हमेशा एग्जाम के लिए आवश्यक होता है. पुराने प्रश्नों के लिए Time-Table विशेष रूप से बनाएँ. साथ ही निम्न परीक्षा की तैयारी ही करे.

प्रेलिम्स की तैयारी:
बी.पि.एस.सी के उम्मीदवारों की तैयारी पहले प्रेलिम्स के लिए शुरू होती है. जैसा की प्रेलिम्स की परीक्षा का संक्षिप्त वर्णन ऊपर किया गया है. उससे यह पता चलता है की 150 प्रश्नों के लिए मात्र 120 मिनटें दी गयी है.

इसका अर्थ यह है की प्रत्येक प्रश्न के लिए 1.25 मिनट ही होंगे. परीक्षार्थी की तैयारी अच्छी होनी चाहिए क्योंकि प्रश्न विभिन्न टॉपिक से पूछे जाते है.

सामान्य अध्ययन: इसमें Students से प्रतिदिन अवलोकन किये जाने वाली चीजों एवं अनुभवों से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते है. इसमें सामान्य विज्ञानं से भी प्रश्न होते है.
रास्ट्रीय एवं अंतररास्ट्रीय महत्त्व से सम्बंधित सामयिकी: प्रेलिम्स में सामयिकी (current affairs) से सम्बंधित कई प्रश्न पूछे जाते है. इसमें भारत एवं बिहार के इतिहास, भौगोलिक ज्ञान, अर्थशात्र और राजनीति सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते है. भारतीय आन्दोलन एवं बिहार के उन आन्दोलन में दिए गये योगदान से सम्बंधित प्रश्न भी होते है.
विद्यार्थी जैसा समझ सकते है की प्रेलिम्स की पाठ्य विवरण बड़ी है. उन्हें तैयारी विस्तार रूप से करनी चाहिए.

मैन्स की तैयारी करे
यदि उम्मीदवार प्रेलिम्स की परीक्षा में सफल हो जाते है, तो वे मैन्स की परीक्षा के लिए योग्य माने जाते है. इसमें पहली पेपर हिंदी की होती है. इसे क्वालीफाइंग पेपर भी कहा जात है क्योंकि इसमें परीक्षार्थीयो को 30% अंको से पास होने की ज़रूरत होता है.

इसका पाठ्यक्रम बिहार स्कूल एजुकेशन बोर्ड के स्तर का होता है. वही जब हम बात करे सामान्य अध्ययन पेपर- 1 की तो उसके पाठ्यक्रम कुछ इस प्रकार है:

भारतीय संस्कृति
भारत के आधुनिक इतिहास
रास्ट्रीय एवं अंतररास्ट्रीय महत्व के समसामयिक घटनाए
सांख्यिकीय विश्लेषण,ग्राफ एवं आरेख
सामान्य अध्ययन- 2 में निम्नलिखित विषय है:

भारतीय एवं बिहार की राजनिति
बिहार की अर्थव्यवस्था
भारतीय एवं बिहार का भौगोलिक ज्ञान
विज्ञानं एवं तकनीकी तरकी के भारत और बिहार पे प्रभाव
मैन्स का चौथा पेपर विकल्पिक विषय का होता है, जो Students अपनी इक्छा अनुसार चुनते है.

शारीरिक क्षमता की तैयारी करे
जब प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा दोनों हो जाए, तो उसके बाद व्यक्तित्व प्रशिक्षण के लिए तैयार रहे. अर्थात आपका पर्सनैलिटी टेस्ट होगा. परीक्षा में यह जांच किया जाएगा कि आप शारीरिक और बौद्धिक रूप से तैयार है या नही.

पर्सनैलिटी टेस्ट 120 अंकों का होता है जिसमे विभिन्न टॉपिक से प्रश्न हो सकते है. इसलिए, Interview के टॉपिक से सम्बंधित सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान केन्द्रित करे.

BPSC में वेतन कितना मिलता है?-

बीपीएससी अधिकारियों का मूल वेतन कि बात किया जाए तो लगभग 42,900 /- रुपए प्रतिमाह है। इसके साथ ही HRA एवं DA जैसे अन्य अनुलाभों के अतिरिक्त होता है। आपलोगों को बता दूं कि पहले वर्ष बीपीएससी कि अधिकारी बनने के बाद कोई भी महंगाई भत्ता नहीं दिया जाता हैं।

बीपीएससी वेतन भत्ता –
वेतन के साथ, चयनित उम्मीदवारों को विभिन्न भत्ते भी प्रदान किए जाते हैं। भत्ते में से कुछ हैं:

  • महंगाई भत्ता (डीए)
  • परिवहन भत्ता (टीए)
  • मकान किराया भत्ता (एचआरए)
  • बीपीएससी अधिकारियों के करियर की शुरुआत में, उनके लिए महंगाई भत्ता (डीए) 0% है और यह समय के साथ बढ़ता जाएगा।

बीपीएससी वेतन भत्ते और लाभ-
मूल वेतन और भत्तों के अलावा, बीपीएससी अधिकारियों को कई अन्य लाभ प्रदान किए जाते हैं, जिनका उल्लेख नीचे किया गया है:

सुरक्षा: बीपीएससी अधिकारियों को आमतौर पर सुरक्षा गार्ड प्रदान किए जाते हैं क्योंकि उनका काम चुनौतीपूर्ण प्रकृति का होता है। कई बार उन्हें सुरक्षा बल भी दिए जाते हैं।
परिवहन: बीपीएससी अधिकारियों को अपने लिए आधिकारिक उद्देश्यों के लिए वाहन आवंटित किए जाते हैं।
सब्सिडी वाले बिल: उन्हें बिजली, पानी, फोन और गैस कनेक्शन के सब्सिडी वाले बिल देने की सुविधा भी दी जाती है।
यात्राएं: बीपीएससी अधिकारी अपनी यात्राओं में राज्य भवन का उपयोग कर सकते हैं। उन्हें अन्य राज्यों का दौरा करने के बाद सरकारी गेस्ट हाउसों में रियायती आवास भुगतान की सुविधा भी मिलेगी।
नौकरी की सुरक्षा: उन्हें उच्च नौकरी की सुरक्षा प्रदान की जाती है क्योंकि उन्हें आसानी से निकाल नहीं दिया जाएगा, अधिकारी को हटाने की प्रक्रिया लंबी है और इसके लिए जांच की भी आवश्यकता है।
सेवानिवृत्ति के बाद लाभ: उन्हें विभिन्न आयोगों में नियुक्त किया जाता है। उन्हें आजीवन पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ जैसे कई अन्य लाभ भी दिए जाते हैं।

निकर्ष-

  • जैसा की आज हमने आपको BPSC Kya Hai, Bpsc की तैयारी कैसे करे, BPSC full form in Hindi, BPSC में कौन कौन सी पोस्ट होती है, BPSC EXAM PATTERN IN HINDI, BPSC में वेतन कितना मिलता हैके बारे में आपको बताया है.
  • इसकी सारी प्रोसेस स्टेप बाई स्टेप बताई है उसे आप फोलो करते जाओ निश्चित ही आपकी समस्या का समाधान होगा.
  • यदि फिर भी कोई संदेह रह जाता है तो आप मुझे कमेंट बॉक्स में जाकर कमेंट कर सकते और पूछ सकते की केसे क्या करना है.
  • में निश्चित ही आपकी पूरी समस्या का समाधान निकालूँगा और आपको हमारा द्वारा प्रदान की गयी जानकरी आपको अच्छी लगी होतो फिर आपको इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकते है.
  • यदि हमारे द्वारा प्रदान की सुचना और प्रक्रिया से लाभ हुआ होतो हमारे BLOG पर फिर से VISIT करे हम ही TECHNICAL PROBLEM का समाधान करते है. और यदि तुरंत सेवा लेना चाहते हो तो हमारे साईट के Contact Us में जाकर हमसे Contact भी कर सकते है.

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *