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Memory Kya Hai, Memory Kitne Prakar Ki Hoti Hai, कंप्यूटर मेमोरी की जानकारी 2021 में.

आज हम जानेंगे की मोबाइल और कंप्यूटर से Computer Memory Kya Hai, Memory Kitne Prakar Ke Hote Hai, cache memory Kya Hai, secondary memory in hindi जिसकी पूरी प्रोसेस हम Step By Step Process आपको बताने वाले है

Memory Kya Hai-(What is memory)?

कंप्यूटर मेमोरी वह स्टोरेज स्पेस होता है जहां डाटा को प्रोसेस करना होता है, और प्रोसेसिंग के लिए आवश्यक निर्देश संग्रहित (Store) होते हैं, मेमोरी वह जगह है जहां कंप्यूटर, प्रोग्राम और डाटा को संग्रहित करता है.

मेमोरी कंप्यूटर का बहुत ही जरूरी हिस्सा होता है क्योंकि मेमोरी के बिना हम कंप्यूटर में कोई भी काम नहीं कर सकते हैं, यदि हमें कंप्यूटर को कोई भी निर्देश देना है या फिर किसी भी तरह का डाटा इनपुट करना है तो उसके लिए भी मेमोरी की जरूरत पड़ती है.

कंप्यूटर में मेमोरी मदरबोर्ड में लगी होती है जिसमें प्रोग्राम तथा डाटा स्टोर होते हैं और जब भी सीपीयू को किसी भी तरह की प्रोसेसिंग के लिए डाटा तथा प्रोग्राम की जरूरत पड़ती है तो वह सीधे मेमोरी को एक्सेस करता है, और जिस तरह का डाटा की जरूरत पड़ती है वह मेमोरी से ले लिया जाता है.

Memory Kitne Prakar ki Hoti hai–

कंप्यूटर मेमोरी दो प्रकार की होती है.

  1. प्राथमिक मेमोरी (Primary Memory)
  2. सेकेंडरी मेमोरी (Secondary Memory)

Primary memory kya hai-

Primary Memory कम्प्यूटर की मुख्य मेमोरी है जो motherboard में CPU से लगी हुई होती है | सीपीयू के प्रोसेसिंग के लिए आवश्यक सभी डेटा प्राइमरी मेमोरी में स्टोर होती है | यह कंप्यूटर की इंटरनल मेमोरी है | जिसे Main Memory और Primary Memory के नाम जाता है | 

प्राइमरी मेमोरी की स्टोरेज क्षमता सेकेंडरी मेमोरी से बहुत कम तथा साइज में छोटी होती है जिससे डेटा को ढूंढ़ने में काफी काम समय लगता है इसलिए यह सेकेंडरी मेमोरी से काफी ज्यादा फ़ास्ट होता है | 

प्राइमरी मेमोरी एक Volatile Memory है जिससे डेटा को काफी तेजी से एक्सेस किया जा सकता है | Volatile Memory का मतलब, प्राइमरी मेमोरी में जो डेटा होता है वो केवल तब तक रहता है जब तक वो कंप्यूटर चालू रहता है, जैसे ही कंप्यूटर बंद होता है प्राइमरी मेमोरी में स्टोर डेटा भी नष्ट हो जाता है | 

प्रोसेसर को जिस भी डाटा की आवश्यकता होती है प्राइमरी मेमोरी जल्द से जल्द उस डाटा को प्रोसेसर तक पहुंचाता है। प्राइमरी मेमोरी में कंप्यूटर के सारे सेटिंग्स मौजूद होते हैं और कंप्यूटर को चालू करते वक्त प्राइमरी मेमोरी की आवश्यकता पड़ती है, इसलिए प्राइमरी मेमोरी को कंप्यूटर की मुख्य मेमोरी कहते हैं।

प्राथमिक मेमोरी (Primary Memory) कंप्यूटर की मुख्य मेमोरी होती है जिसे सीधे सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट द्वारा एक्सिस किया जाता है, यह मेमोरी सूचनाओं को अस्थाई रूप से संग्रहित करके रखती है अर्थात करंट के बंद होते ही सूचनाएं नष्ट हो जाती है.

Primary Memory kitne Prakar ki hoti hai.- (Primary memory ke prakar)-

कंप्यूटर के अंदर दो तरह की प्राइमरी मेमोरी होती है, RAM और ROM

1. RAM-

memory kitne prakar ki hoti hai ram

इसका पूरा नाम Random access memory हैं। इस मेमोरी को कंप्यूटर की अस्थाई मेमोरी भी कहते हैं। इसमें कोई भी डाटा स्टोर नहीं रहता है जब तक कंप्यूटर ऑन रहता है.

तब तक रैम में डाटा या प्रोग्राम अस्थाई रूप से संग्रहित(stored) रहता हैं लेकिन जैसे ही आप कंप्यूटर को शटडाउन करते हैं, रैम में रखा सारा डेटा डिलीट हो जाता है, इसलिए इसे volatile(परिवर्तनशील) मेमोरी भी कहते हैं।

Ram ki Full Form- Random Access Memory

Ram तीन प्रकार की होती है –

  1. (स्टैटिक रैम) Static Ram
  2. (डायनामिक रैम) Dynamic Ram
  3. (सिंक्रोनॉस रैम) Synchronous Ram

2. ROM-

memory kitne prakar ki hoti hai

इसका पूरा नाम Read only memory हैं। यह एक अस्थाई मेमोरी है। इसको तैयार करते समय जो प्रोग्राम या डाटा इसमें डाले जाते हैं वह खत्म नहीं होते हैं। कंप्यूटर को शटडाउन करने पर भी इसका डाटा नष्ट नहीं होता है, इसलिए इसे non-volatile मेमोरी भी कहते हैं।

ROM ki Full Form- Read Only Memory

रोम तीन प्रकार की होती है –

  • PROM

Full From Of PROM- Programmable Read-Only Memory

  • EPROM

Full From Of EPROM- Erasable Programmable Read-Only Memory

  • EEPROM

Full From Of EEPROMElectrically Erasable Programmable Read-Only Memory

Primary memory के फायदे-

  • यह बहुत फास्ट होता है।
  • सीपीयू द्वारा सीधे उपयोग किया जाता है।
  • इसका उपयोग आसान है।
  • आसानी से मिल जाता है।

Primary Or secondary Memory me kya antar hota Hai –

Secondary memoryPrimary memory
Permanent memory है।Temporary memory है।
Non-volatile memory है।Volatile और non-volatile memory है।
स्टोरेज की क्षमता बहुत ज्यादा होती है।स्टोरेज की क्षमता बहुत कम होती है।
सेकेंडरी मेमोरी स्लो होती है।प्राइमरी मेमोरी फास्ट मेमोरी है।
Non-expensiveExpensive है।
उदाहरण- Hdd, SSD, Pendrive etc.उदाहरण- Ram, Rom.

Primary memory की कमियाँ-

  • बहुत महंगा है।
  • खराब होने पर बन्ना मुश्किल है।
  • खराब होने पर मदरबोर्ड भी खराब हो जाता है।

primary memory ke Price-

  • Ram 4Gb – Rs.2000
  • Ram 8Gb – Rs.3000
  • Ram 16Gb – Rs.5500
  • Ram 32Gb – Rs.10000

Secondary Memory kya hai-

Secondary memory क्या है (What is secondary memory in hindi)

सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस कंप्यूटर का एक हार्डवेयर कंपोनेंट है इसे सहायक स्टोरेज डिवाइस भी कहा जाता है। यह कंप्यूटर का एक हिस्सा है जिसे अलग से कंप्यूटर से जोड़ा जाता है।

इसमें स्टोर किया गया डेटा स्थायी होता है, यानी कंप्यूटर के बंद होने पर स्टोर किया गया डेटा डिलीट नहीं होता है।

जरूरत के हिसाब से आप भविष्य में इसमें सेव की गई फाइल या फोल्डर को खोलकर देख या सुधार सकते हैं। प्राइमरी मेमोरी के मुकाबले सेकेंडरी मेमोरी की स्टोरेज क्षमता अधिक होती है।

सेकेंडरी मेमोरी में फ्लॉपी डिस्क, हार्ड डिस्क, कंपैक्ट डिस्क, ऑप्टिकल डिस्क, मेमोरी कार्ड, पेन ड्राइव, एसएसडी इत्यादि आते हैं

Secondary memory ke कार्य-

सेकेंडरी मेमोरी का कार्य पर्सनल डेटा, सॉफ्टवेयर डेटा और कंप्यूटर के सभी डेटा को स्टोर करना है, यह डेटा कुछ भी हो सकता है जैसे फोटो, वीडियो, मूवी, गाने, गेम, डॉक्यूमेंट आदि। सेकेंडरी मेमोरी की स्टोरेज क्षमता बहुत अधिक होती है, इसलिए इसमें बहुत सारा डेटा आसानी से स्टोर किया जा सकता है।

Secondary memory kitne prakar ki hoti hai- (secondray memory ke prakar)-

सेकेंडरी मेमोरी के प्रकार – Hdd, CD drive, Dvd, pendrive, Blue-ray disc, ssd, memory card.

HDD kya hai

  1. इसे Hard disk drive कहते हैं। इसमें सर्कुलर डिस्क में डाटा स्टोर होता है।

हार्ड डिस्क जिसे हार्ड डिस्क ड्राइव (HDD) भी कहा जाता है, हार्ड डिस्क एक सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस है जिसकी सहायता से हम कंप्यूटर पर अपने मीडिया, फाइल, फोटो, विडियो, डॉक्यूमेंट, सॉफ्टवेयर, ऑपरेटिंग सिस्टम को permanently store करते है.

हार्ड डिस्क एक non volatile memory होती है अर्थात इसमें रखा हुआ data कंप्यूटर off होने के बाद भी hard disk पर सुरक्षित रहता है और कभी भी इनका उपयोग, यूजर द्वारा किया जा सकता है.

हार्ड डिस्क एक magnatic storage होती है जो electromagnatic रूप से data store करती है, इसमें एक rotating platter लगा होता है जो data को magnetically रीड और राईट करती है.

हार्ड डिस्क Motherboard में SATA, PATA (IDE), SAS, SCSI interface की सहायता से जुडी होती है.

secondary memory in hindi hdd

floppy disk Kya hai-

Floppy Disk एक तरह की डाटा स्टोरेज डिवाइस है. इसे सबसे पहली बार सन 1969 में create किया गया, उसी वर्ष जिस वर्ष Internet की शुरुवात करी गयी. यह Secondary या External Memory का भाग है.

यह मैग्नेटिक डिस्क बहुत पतली तथा लचीली होती है इसलिए इन्हें फ्लोपी डिस्क या डिस्केट कहते है. यह मेलर नाम की प्लास्टिक की शीट की बनी होती है और इसके दोनों और मैग्नेटिक सामग्री चिपकी होती है.

मैग्नेटिक डिस्क को अन्य प्लास्टिक जैकेट में बंद किया जाता है तथा मैग्नेटिक डिस्क के एक छोटे से भाग को खुला रखा जाता है. Computer में उपयोग होने वाली फ्लोपी डिस्क आकार में 5.25 इंच (जिसे मिनी फ्लोपी भी कहते है) अथवा 3.5 इंच (जिसे माइक्रो फ्लोपी भी कहते है) की होती है.

secondary memory in hindi floppy

Magatic Tape Kya hai-

Magnetic tape डेटा स्टोर करने की सबसे पुरानी तकनीक है, जिसकी capacity काफी ज्यादा होती है तथा कीमत भी काफी कम होता है | चुंबकीय टेप (Magnetic tape) प्लास्टिक की एक पतली लंबी संकीर्ण पट्टी है जो magnetizable material से लेपित होती है |

Magnetic tape में रिबन का केवल एक साइड ही डेटा स्टोर करने के लिए उपयोग किया जाता है। 

यह sequential memory है जिसमें डेटा को स्टोर करने के लिए magnetic oxide द्वारा लेपित पतली plastic ribbon होती है | रिबन की चौड़ाई 4 mm से 1 Inch तक होती है |

secondary memory in hindi tape

CD kya hai 

इसे Compact disk drive कहते हैं। इसमें पतली सी सर्कुलर डिस्क में डाटा स्टोर होता है.

CD जिसे Compact Disk  भी कहा जाता है इस पर DATA एक बार Write किया जाता है और कई बार Read किया जाता है।पहले CD का काम केवल डिजिटल ऑडियो रिकॉर्डिंग को  Store करने के लिए होता था। पर बादमे सभी प्रकार के DATA Store करने के लिए CD का उपयोग होने लगा। 

CD पर से Data Read करने के लिए एक विशेष उपकरण का उपयोग किया जाता है जिसे CD ROM Drive कहते हैं। CD पर जो Data Write किया गया है उसे Read करने के लिए लेजर तकनीक का Use होता है। इसलिए इसे Optical Disk भी कहा जाता है। एक Standard CD में 700 MB Data Save किया जा सकता है। 

secondary memory in hindi cd

DVD kya hai 

इसे Digital versatile disc कहते हैं। इसमें भी पतली सी सर्कुलर डिस्क में डाटा स्टोर होता है CD के मुकाबले DVD की स्पीड ज्यादा होती है।

एक डीवीडी एक प्रकार का ऑप्टिकल मीडिया है जिसका उपयोग डिजिटल डेटा को संग्रहीत(Store) करने के लिए किया जाता है। यह सीडी(CD) के समान आकार का है, लेकिन इसकी भंडारण क्षमता(Storage Capacity) अधिक है।

कुछ डीवीडी को विशेष रूप से वीडियो प्लेबैक के लिए स्वरूपित(Formatted) किया जाता है, जबकि अन्य में विभिन्न प्रकार के डेटा हो सकते हैं, जैसे सॉफ्टवेयर प्रोग्राम और कंप्यूटर फाइलें।

secondary memory in hindi dvd
  1. Blue-Ray kya hai – इसे Blue-Ray disc कहते हैं। यह भी एक सर्कुलर डिस्क है इसमें DVD के मुकाबले ज्यादा स्टोरेज क्षमता होती है।

Pendrive kya hai

यह आकार में बहुत छोटा होता है लेकिन इसकी स्टोरेज कैपेसिटी ज्यादा होती है। इसे फ्लैश ड्राइव भी कहते हैं।Pendrive को portable storage space device भी कहते हैं यह अपने अंदर डाटा को सुरक्षित रखने का काम करता है और उसकी देखभाल करता है।

एक समय ऐसा भी था जब हम Pendrive में 100 MB से ज्यादा Size का Data नहीं रख पाते थे परन्तु आज पेनड्राइव में 1GB से लेकर 1 TB तथा उससे अधिक का डाटा रख सकते हैं।

Pendrive की खोज होने के पहले फ्लॉपी डिस्क का उपयोग किया जाता था जिसका कम से कम स्टोरेज 80 KB और अधिक से अधिक स्टोरेज 240 MB था परंतु वक्त और लोगों की मांग को देखते हुए बाद में पेनड्राइव का आविष्कार हुआ।

secondary memory in hindi pendrive

Memory card kya hai –

यह आकार में पेनड्राइव से भी छोटा होता है और इसकी स्टोरेज कैपेसिटी भी ज्यादा होती है।मैमोरी कार्ड एक छोटे आकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है. जिसका उपयोग स्टोरेज डिवाइस के रूप में होता है.

 मैमोरी का उपयोग स्मार्ट फ़ोन, डिजिटल कैमरा, ऑडियो प्लेयर, लैपटॉप और डेस्कटॉप में भी होता है. चूँकि ये फ़्लैश मैमोरी तकनीक पर विकसित किया गया है. इसमें डाटा स्थायी रूप में रहता है तथा इन्हें कंप्यूटर या मोबाइल से अलग करने के बाद भी डाटा सुरक्षित रहता है.

secondary memory in hindi tape

SSD kya hai –

इसे Solid State drive कहते हैं। यह अब तक की सबसे एडवांस टेक्नोलॉजी है इसकी खास बात यह है कि इसकी speed अन्य स्टोरेज डिवाइस की तुलना में सबसे अधिक है।

अधिक जानकारी के लिए – SSD Kya Hai, SSD Full Form, SSD Kitne Prakar Ki Hoti Hai

SSD KE PRAKAR (1)

Secondary memory के फ़ायदे (benifits of secondary memory)

  • यह सभी प्रकार का डाटा स्टोर कर सकता है।
  • किसी भी प्रकार के डाटा को परमानेंट स्टोर करके रखा जा सकता हैं।
  • प्राइमरी मेमोरी के मुकाबले सेकेंडरी मेमोरी की कीमत कम होती है।
  • इसका उपयोग करना आसान है।
  • इसकी मदद से एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में डाटा ट्रांसफर कर सकते हैं।

Secondary memory की कमियाँ-

  • सेकेंडरी मेमोरी स्लो होती है।
  • डाटा रिकवरी करना बहुत मुश्किल है।
  • खराब होने पर ठीक करना मुश्किल है।

secondary memory ke Price-

  • Hdd 1Tb – Rs.3000
  • CD drive 4Gb – Rs.100
  • Dvd 8Gb – Rs.150
  • pendrive 32Gb – Rs.400
  • Blue-ray disc 12gb – Rs.250
  • ssd 1Tb – Rs.10,000
  • memory card 128Gb – Rs.1000

Cache Memory का नाम तो आपने कभी ना कभी सुना ही होगा यह हमारे कंप्यूटर और स्मार्टफोन में लगा हुआ होता है। इस लेख में आप यह जानेंगे कि Cache Memory क्या है और इसका काम क्या होता है|

Cache Memory Kya hai-

Cache Memory कंप्यूटर की सबसे फास्ट मेमोरी होती है यह फास्ट इसलिए होती है क्योंकि यह प्रोसेसर के सबसे करीब होती है। कंप्यूटर में जो भी काम बार-बार होते हैं या ज्यादा बार किए जाते हैं प्रोसेसर उनके फाइल्स और डाटा को Cache Memory में सेव कर देता है ताकि अगली बार जब कभी उन फाइल्स की जरूरत पड़े तो वह फाइल और डाटा कैश मेमोरी के जरिए प्रोसेसर तक जल्द से जल्द पहुंच सके|

Cache memory में कंप्यूटर की जरूरी फाइल्स और सेट ऑफ इंटरेक्शंस सेव रहती है। cache memory बहुत फास्ट होने के साथ बहुत छोटी भी होती है इसका एडवांस वर्जन Optane Memory है।

Cache memory ke prakar –

  1. Level 1 (L1)
  2. Level 2 (L2)
  3. Level 3 (L3)

Level 1 – इसे प्राइमरी कैश मेमोरी भी कहते है यह मेमोरी अत्यंत तेज़् होती है लेकिन L1 की कैपेसिटी भी कम होती है यानि इसके अंदर डाटा और सूचनाओं को सेव करने के लिए बहुत कम जगह होती है प्रोसेसर (CPU) इसमें से जो डाटा को हमे लेना होता है.

वह CPU सीधे एक्सेस करता है और वह तैयार डाटा को वापस लिखता है ताकि इससे डाटा पड़ने और लिखते टाइम प्रोसेसर धीमा न पड़े। 

Level 2 – L2 कैश मेमोरी यह CPU चिप पर लगी होती है लेकिन यह मेमोरी प्रोसेसर सर्किट का हिस्सा नहीं होती है इसलिए यह मेमोरी L1 की तुलना में थोड़ी धीमी होती है यह मेमोरी अधूरे डाटा को प्रदान करता है और L1 कैश से तैयार किया हुआ डाटा वापस लेता है। 

(जानकारी के लिए जब आप मार्किट से पेंटीयम प्रोसेसर खरीदते है तो प्रोसेसर के पास उस पर L1 और L2 दोनों होंगे )

Level 3 – L3 कैश मेमोरी को रेम भी कहा जाता है L2 की तुलना यह मेमोरी थोड़ी धीमी होती है लेकिन HDD से तेज़ होती है यह मेमोरी प्रोसेसर पर नहीं होती है यह मेमोरी मदरबोर्ड पर स्थित होती है.

यह L2 से तैयार किया हुआ डाटा को लेता है और L2 कैश मेमोरी से अधूरा डाटा प्रदान करता है.

cache Memory Ke Fayde-

  • कैश मेमोरी सबसे फास्ट मेमोरी होती है।
  • यह जरूरी फाइल्स और डाटा को सेव करके रखती है।
  • कैश मेमोरी बाकी मेमोरी के मुकाबले बहुत तेजी से फाइल्स को रीड ओर राइट करती है।

cache Memory की कमियाँ-

  • कैश मेमोरी साइज में बहुत छोटी होती है।
  • ज्यादा फाइल्स इसमें सेव होने से कंप्यूटर स्लो हो जाता है।
  • कैश मेमोरी बहुत महंगी होती है।

Conclusion-

  • जेसा की आज हमने आपको Memory Kya Hai इसकी सारी प्रक्रिया बताई है की केसे हम Memory Kya Hai. Memory Kitne Prakar Ke Hote Hain, Secondary memory in hindi, Primary memory kya hai, Cache memory kya hai के बारे में आपको बताया है.
  • इसकी सारी प्रोसेस स्टेप बाई स्टेप बताई है उसे आप फोलो करते जाओ निश्चित ही आपकी समस्या का समाधान होगा.
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