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SSD Kya Hai, SSD Full Form, SSD kitne prakar ki hoti hai.

आज हम जानेंगे की मोबाइल और कंप्यूटर से SSD Kya Hai, SSD Full Form Kya Hai, SSD Kitne Prakar ki hoti hai, SSD Kaise Kam Karta Hai जिसकी पूरी प्रोसेस हम Step By Step Process आपको बताने वाले है.

SSD Kya Hai-(what is sSD)-

SSD एक स्टोरेज डिवाइस है जिसका उपयोग हम कंप्यूटर और लैपटॉप में करते हैं। यह हार्ड डिस्क की तरह ही काम करती है लेकिन हार्ड डिस्क से काफी तेज काम करती है SSD को पेनड्राइव और माइक्रो एसडी कार्ड का एडवांस वर्जन कहां जा सकता है SSD के अंदर Chips होती है।

इसमें हार्ड डिस्क की तरह मोमेंट करने वाला कंपोनेंट नहीं होता। आमतौर पर SSD की Data Read करने की स्पीड 550mb/s और Data Write करने की स्पीड 520mb/s होती है।

SSD भी एक storage drive हैं जो वो हर काम कर सकती हैं जो HDD करती हैं। SSD में latest technology का इस्तेमाल किया जाता हैं इसमें कोई moving parts नहीं होता। ये तभ भी काम करती हैं जब इसे कोई पॉवर ना मिले। SSD में Data Write और Read electronically होता हैं।

SSD में NAND-based flash memory का इस्तेमाल किया जाता हैं। जो system के off होने के बाद भी data खोने नहीं देती। इसकी life भी काफी ज्यादा होती हैं। क्योंकि इसमें moving parts नहीं होते जिससे इनके ख़राब होने की समभावना कम होती हैं।

SSD Pen Drive और Memory Card के जैसे काम करती हैं। इसकी Speed HDD से कई गुना ज्यादा होती हैं। पर इसकी कीमत HDD से 3-4 गुना ज्यादा होती हैं। इसलिए आप देखोगे की जिन laptop में ssd होती हैं वो काफी महंगे होते हैं।

Size में SSD उसी आकार में मिल जाते हैं जिसमे HDD आती हैं। जिससे ये आसानी से लैपटॉप या कंप्यूटर में Hard Disk Drive की जगह इनस्टॉल हो जाती हैं।

SSD full form in computer- (ssd ki full form kya hai)-

SSD की फुल फॉर्म हैं Solid State Drive. आजकल आप देखोगे की जो High End computer और laptop हैं जिनके price ज्यादा होते हैं उनमे आपको HDD की जगह SSD देखने को मिलती हैं। Low और medium budget कंप्यूटर में आपको HDD ज्यादा देखने को मिलती हैं। 

SSD FULL FORM (1)

SSD का पूरा नाम Solid State Drive है। SSD, HARD DISK के मुकाबले कई गुना तेज काम करती है और इसके कई अन्य फायदे भी हैं तो आज के इस लेख में आप जानेंगे कि SSD क्या होता है और इसका उपयोग कहां किया जाता है।

SSD के प्रकार -(Types Of SSD)-

1.SATA SSD :

  •  इसे कंप्यूटर में इंटरनल हार्ड डिस्क की तरह IDE या SATA कनेक्शन की सहायता से जोड़ा जाता है।
  • SATA जिसका फुल फॉर्म सीरियल एडवांस्‍ड टेक्‍नोलॅाजी अटैचमेंट होता हैं| SATA एक प्रकार का कंप्‍यूटर बस इंटरफेस है जो होस्‍ट बस एडेप्‍टर को बडे डेटा स्‍टोरेज डिवाइसों से जोडता है, जिसमे SSD, हार्ड ड्राइव, ऑप्टिकल ड्राइव आदि शामिल होते है|SATA SSD, SATA इंटरफेस वाला SSD हैं|
  • SATA इंटरफेस मुख्‍य रूप से AHCI(Advance Host Controller Interface) प्रोटोकॉल का उपयोग करता है| यह सबसे कम ग्रेड SSD है और हार्ड डिस्‍क ड्राइव के समान इंटरफेस का उपयोग करते हैं|
  • यूजर जो SATA SSD का उपयोग करता है उसके पास हार्ड‍ डिस्‍क ड्राइव के उपयोग करने बाले यूजर की तुलना में 2-4 गुना ज्‍यादा बैंडविड्थ होगा| SATA SSD अन्‍य सॉलिड स्‍टेट ड्राइव की तुलना में कम कोस्‍टली होते है और ज्‍यादा कैपेबल होते हैं|
  • SATA SSD नार्मल ऐप्लिकेशनके लिए वर्तमान समय में भी ग्रेट हैं|वर्तमान समय में SATA बेस्‍ड SSD का उपयोग किया जा रहा है| 
SSD KE PRAKAR (1)

2.NVMe SSD :

  • NVMe (Non-Volatile Memory Express) SSD मेंन बोर्ड पर PCIE एक्‍सप्रेस स्‍लॉट से कनेक्‍ट होता है| SSD एक प्रकार का PCIe/NVME SSD है|
  • PCIe पेरीफेरल कॉम्‍पोनेन्‍ट  इंटरकनेक्‍ट एक्‍सप्रेस के लिए एक स्‍टैन्‍ड है, और NVME नॉन-वोलाटाइल मेमोरी एक्‍सप्रेस के लिए हैं|
  • PCIe/NVMe SSD का उपयोग करने वाले पर्सनल Computer की स्‍पीड बहुत अधिक हो जाती है जिससे इसकी रीड और राइट स्‍पीड भी अधिक हो जाती हैं|
  • PCIe/NVMe SSD, SATA SSD की तुलना में बेटर परफॉरमेंस प्रोवाइड करता हैं| PCIe/NVMe SSD अन्‍य सॉलिड स्‍टेट ड्राइव की तुलना में अधिक महंगे होते हैं|
  • NVMe SSD को मूल रूप से ग्राफिक्‍स कार्ड के लिए डिज़ाइन किया गया था| PCIe/NVMe SSD का उपयोग यूज़र द्वारा हाई क्‍वालिटी गेमिंग या हाई-रिज़ॉल्‍यूशन वीडियो एडिटिंग के लिए किया जाता हैं|
  • वर्तमान समय में भी ज्‍यादातर BIOS NVMe से बूटिंग को सपोर्ट नहीं करती हैं|नानॅ-वोलाटाइल मेमोरी एक्‍सप्रेस केवल डेस्‍कटॉप पर्सनल Computer के लिए सपोर्ट करते हैं|       
SSD KE KITNE PRAKAR KI HOTI HAI (1)

3.Portable SSD :

यह SSD बेस्ड एक्सटर्नल स्टोरेज डिवाइस होता है। जो लाने ले जाने में काफी आसान होता है। इसे USB कनेक्शन के जरिये कंप्यूटर में जोड़ा जाता है।

ssd kya hai 2

SSD vs HDD में क्या अंतर हैं- (Difference Between sSD and hDD)

SSD और HDD दोनों की storage drive हैं जो आपके date को store करने के साथ system boot करने का काम करती हैं। काम दोनों का एक ही है पर इनमे कुछ अंतर भी हैं। तो चलिए शुरू करते हैं जानना SSD और HDD के फायदे और नुकसान।

  • SSD की गति Hard Disk से तेज है जबकि हार्ड डिस्क SSD की तुलना में बहुत धीमी है.
  • अगर पावर की बात करें तो Hard Disk में बहुत कम पावर होती है.
  • SSD भी एक सामान्य Hard Disk की तुलना में आकार में छोटा होता है और चूंकि Hard Disk एक मैकेनिकल ड्राइव है जो डिस्क पर चलती है, यह थोड़ा शोर भी देती है जबकि SSD इसमें फ्लैश चिप्स के साथ एक स्टोरेज डिवाइस है. यह बिल्कुल शोर नहीं करता है.
  • Hard Disk की तुलना में SSD बहुत अधिक महंगा है. यदि आप 120 GB SSD ड्राइव लेते हैं, तो इसकी कीमत आपको लगभग 5,000 रुपये हो सकती है. जबकि यदि आप Normal Hard Disk खरीदते हैं, तो आप 5,000 रुपये में  1TB तक के स्टोरेज के साथ Hard Disk खरीद सकते हैं.

1. Speed

SSD की सबसे बड़ी खासियत होती हैं इससे मिलने वाली स्पीड। HDD के मुकाबले में sdd काफी fast speed देता हैं। HDD में जहा आपका pc या laptop मिनटों में boot होता हैं वही ssd में ये काम सेकंडो में हो जाता हैं। Operating system को boot करने या फिर कोई file open करने में hdd को ज्यादा समय चाहिए होता हैं।

किसी भी file को कॉपी और write करने की speed HDD में 50 से 120 mb/s तक होती हैं। SSD में ये speed 200 mb/s से लेकर 550 mb/s तक हो सकती हैं।

2. Price

इन दोनों storage drive की कीमत की बात की जाए तो यहा बाज़ी HDD मार जाती हैं। इसकी कीमत ssd की तुलना में काफी कम होती हैं। जिससे कम कीमत वाले कंप्यूटर और लैपटॉप में HDDका ही इस्तेमाल होता हैं।

SSD और HDD में price difference काफी ज्यादा होता हैं। SSD लगभग 4-5 गुना महंगी होती हैं HDD के मुकाबले में। 1 TB HDD जहा 3 से 4 हजार तक आराम से मिल जाती हैं। और SSD में आपको 3-4 हजार के price में 120 gb storage का ही option मिल पायगा।

3. Storage Capacity

अगर आपको ज्यादा storage capacity की drive चाहिए तो आपके लिए HDD बेहतर विकल्प होगा। आजकल के कम कीमत के कंप्यूटर में भी 1 tb space के साथ hdd आती हैं जो 8 tb तक हो सकती हैं। क्योंकि SSD काफी महंगी हैं इसलिए कम storage capacity के साथ ही समझौता करना पड़ता हैं। ज्यादातर कंप्यूटर 120 gb से लेकर 500 gb तक ही ssd के साथ आते हैं।

4. Durability

SSD में कोई moving part नहीं होता जो इसे ज्यादा safe बनाता हैं। laptop के गिरने या किसी दबाव से HDD के ख़राब होने का खतरा ज्यादा रहता हैं। SSD में data Loss होने की संभावना काफी कम होती हैं। अगर Life की बात की जाए तो यहा भी ssd बेहतर हैं।

5. Power और Noise

ssd के मुकाबले में hdd ज्यादा बिजली खर्च करती हैं। Hdd लगभग 6-7 वाट पॉवर लेती हैं वही SSD 2-3 वाट तक ही बिजली खर्च करती हैं। इसलिए देखा गया हैं जिन device में ssd होती हैं वो Battery backup ज्यादा देती हैं।

जब भी कोई data copy या paste होता हैं तो hdd में spinning platter घूमता हैं जिससे आवाज़ होती हैं। जितने तेज़ ये घूमेगा उतनी ही आवाज़ पैदा होगी। SSD non-mechanical होती हैं इसलिए ऐसे कोई आवाज़ इनसे नहीं आती।

SSD kaise kam karta Hai-

जैसा कि हम जानते हैं, Hard Disk में एक मैग्नेटिक डिस्क होती है जिसके घुमने की बजह से Hard Disk में data ट्रान्सफर और एक्‍सेस हो पता है. लेकिन SSD में ऐसा नहीं होता है. सभी काम सेमीकंडक्टर द्वारा किया जाता है. यह रैम की तरह ही काम करता है. क्योंकि सेमीकंडक्टर चुंबक की तुलना में बेहतर संचार करता है इसलिए यह बहुत तेज है.

SSD का उपयोग कई प्रकार के consumer devices में किया जाता है, जिनमें computer games, digital cameras, digital music players, laptops, PCs, smartphones, tablets और thumb drives शामिल हैं।

इन devices को एक enterprise SSD के रूप में performance या durability के समान स्तर प्रदान करने के लिए engineered नहीं किया जाता है।

कई features एक SSD के design की विशेषता हैं। क्योंकि यह no moving parts का उपयोग करता है, SSD mechanical failure के अधीन नहीं है जो कि HDD के साथ होता है।

यह शांत भी है और अपने disk counterpart की तुलना में कम बिजली consume करता है। और क्योंकि SSD का वजन hard drives से कम होता है, वे laptop और mobile computing devices के लिए अच्छे होते हैं।

SSD controller software में predictive analytics शामिल है जो potential drive failure के पहले एक user को सचेत करता है। क्योंकि flash memory malleable है, all-flash array vendors data reduction techniques के साथ उपयोग करने योग्य storage capacity में manipulate कर सकते हैं।

SSD के फायदे-

  • SSD की स्पीड नॉरमल हार्ड ड्राइव से कई गुना तेज होती है।
  • SSD की लाइफ बहुत ज्यादा लंबी होती है।
  • SSD का Data हार्ड ड्राइव के मुकाबले आसानी से रिकवर हो जाता है।
  • SSD लो पावर में हाई परफॉर्मेंस देती है।

SSD के नुकसान-

  • हार्ड डिस्क के मुकाबले SSD की कीमत बहुत ज्यादा होती है।
  • 1Tb हार्ड ड्राइव की कीमत में 256Gb SSD आती है

SSD बनाने वाली अच्छी कम्पनी-(SSD Ke liye konsi companies hai)

  • CRUCIAL
  • SAMSUNG
  • ADATA
  • KINGSTON
  • WD
  • GALAX
  • GIGABYTE
  • BARRACUDA
  • HIKVISION
  • SILICON POWER

HHD अच्छा रहेगा क्या :

• आपको बहुत सारा Storage capacity चाहिए लगभग 10TB या उससे भी ज्यादा
• आप ज्यादा पैसे खर्च नहीं करना चाहते
• अगर आपको Computer की boot up speed और copy करने की क्ष्य्मता को लेकर ज्यादा चिंता नहीं है तब आपके लिए सबसे अच्छा option हैं HDD.

SSD अच्छा रहेगा क्या :

• अगर आप computer की faster performance के लिए ज्यादा खर्च करना चाहते है
• आपको Storage Capacity को लेकर ज्यादा चिंता नही है और आप कम में भी काम चला सकते हैं. तो यहाँ आपके लिए SSD ही सबसे अच्छा option है.

अगर हम भारत की बात करें तो यहाँ आज भी HDD ही सबसे ज्यादा पसंद लोगों की है क्यूंकि यहाँ Speed को कम कराकर भी ज्यादा space की चाहत सबको है. उन्हें अपने budget में सारी सुविधाएँ चाहिए जिसके चलते उन्हें SSD की तुलना में HDD को अपनाने में कोई तकलीफ नहीं है.

आज कल लोगों में SSHD (Solid State Hard Drive) जिसके अंतर्गत आप दोनों की चीज़ों का फ़ायदा उठा सकते हैं. या यूँ कहे तो ये दोनों ही technology का मिश्रण है. जिसमें की Operating System के लिए कुछ space allocate कर दी जाती हैं और बाकि आपके personal storage के लिए.

इसमें एक फ़ायदा ये भी है की इसमें आपकी बहुत ही अच्छी operating speed मिलती है जिससे आप बड़ी आसानी से आपके सारे काम कर सकते हो.

Conclusion-

  • जेसा की आज हमने आपको SSD Kya Hai, इसकी सारी प्रक्रिया बताई है की केसे हम SSD Kya Hai, SSD Full Form Kya Hai, SSD Kitne Prakar ki hoti hai, SSD Kaise Kam Karta Hai, SSD ke liye konsi companies hai के बारे में आपको बताया है.
  • इसकी सारी प्रोसेस स्टेप बाई स्टेप बताई है उसे आप फोलो करते जाओ निश्चित ही आपकी समस्या का समाधान होगा.
  • यदि फिर भी कोई संदेह रह जाता है तो आप मुझे कमेंट बॉक्स में जाकर कमेंट कर सकते और पूछ सकते की केसे क्या करना है.
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