Network Kya Hai, network full form और इसके प्रकार सीखे हिंदी में

आज हम यह जानेंगे के Network Kya Hai, network full form, network kitne prakar ke hote hai, network devices in hindi के बारे में आपको स्टेपानुसार बताने वाले है. 

Network Kya Hai- नेटवर्क क्या है-

आज हम जानेंगे की network kya hai यानि की नेटवर्क किसे कहते है जो की हम नीचे आपको समझाने वाले है.

जब किसी एक computer से दूसरे computer को connect किया जाता है। तो उसे हम नेटवर्क कहते है।आसान शब्दों में कहें तो, “किसी computer में दो या दो से ज्यादा computers का जुड़ना network कहलाता है”।

नेटवर्क के द्वारा computers आपस में data और information को एक दूसरे के साथ share करते हैं.एक नेटवर्क को wire तथा wireless दोनों तरीके से बनाया जा सकता है.

नेटवर्क में computers को जोड़ने की इतनी ज्यादा क्षमता होती है कि एक कोने से दुनिया के हर कोने तक devices को connect किया जा सकता है।

कंप्यूटर नेटवर्क को बनाने के लिए दो या दो से ज्यादा कंप्यूटर को जोड़ना होता है, कंप्यूटर को आपस मे जोड़ने के लिए हमे नेटवर्क केबल (RJ45 Cat-5,6 Ethernet Cable)या वाईफाई नेटवर्क की जरूरत पड़ेगी,

नेटवर्क केबल को जोड़ने के लिए हमें स्विच, हब, राउटर और नेटवर्क एक्सेस पॉइंट जैसे उपकरणो का उपयोग करना होता है, इन नेटवर्क डिवाइस को सभी कंप्यूटर के बीच मे जोड़कर नेटवर्क खड़ा किया जा सकता है।

network Full form क्या है-

अब तक हमने जाना है की network kya hai अब हम जानेंगे की network full form क्या होती है-

  • NETWORK का पूर्ण रूप दो या अधिक कनेक्टेड कंप्यूटर है, या NETWORK का अर्थ है दो या अधिक कनेक्टेड कंप्यूटर, या दिए गए संक्षिप्त नाम का पूरा नाम दो या अधिक कनेक्टेड कंप्यूटर है।
  • नेटवर्क (दो या अधिक जुड़े हुए कंप्यूटर)
    दो या दो से अधिक कनेक्टेड कंप्यूटर नेटवर्क के रूप में जाने जाते हैं।

network kitne prakar ke hote hain- types of

network in hindi-

अब तक हमने जाना है की network kya hai, network full form क्या है अब हम जानेंगे की network kitne prakar ke hote hain होते है-

कंप्यूटर नेटवर्क पांच प्रकार के होते है।

  • PAN (Personal Area Network)
  • LAN (Local Area Network)
  • WLAN (Wireless Local Area Network)
  • MAN (Metropolitan Area Network)
  • WAN (Wide Area Network)
network kitne prakar ke hote hai

1) Personal Area Network अथवा PAN-

पर्सनल एरिया नेटवर्क अथवा PAN वो नेटवर्क है, जो एक व्यक्ति (Individual) के व्यक्तिगत उपयोग के लिये स्थापित किया गया होता है।

आमतौर पर इस Network में एक या उससे अधिक कंप्यूटर, फोन, टैबलेट, प्रिंटर, वीडियो गेम कंसोल और दूसरे पर्सनल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस शामिल होते है।

उदाहरण के लिए – आप अपने मोबाइल फोन को दूसरे डिवाइस से कनेक्ट करके आपस में फोटो, ऑडियो, वीडियो और कई दूसरी फाइल इत्यादि ट्रांसफर करते है, तो उसे Personal Area Network कहा जायेगा।

अपनी डिवाइस के बिच इस प्रकार के कनेक्शन को आप USB cable की मदद से या फिर Wireless तकनीक जैसे Bluetooth के माध्यम से स्थापित कर सकते है।

तो PAN कम दूरी लगभग 10 मीटर की सीमा के भीतर Interconnected, पर्सनल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का एक नेटवर्क है। हालांकि, अगर कई यूजर एक ही घर मे अपने उपकरणों को जोड़ते है, तो Home Area Network (HAN) अधिक लोकप्रिय है, PAN की तुलना में।

(2) लेन नेटवर्क: LAN (Local Area Network)-

  • LAN एक कंप्यूटर नेटवर्क है जो एक छोटे से क्षेत्र में फैला हुआ है। यह प्रिंटर और फैक्स जैसे डेटा और संसाधनों को साझा करने के लिए कंप्यूटर और वर्कस्टेशन को जोड़ता है।
  • LAN एक छोटे से क्षेत्र जैसे घर, कार्यालय या कॉलेज तक सीमित है। आप इस LAN नेटवर्क को नीचे दी गई आकृति मे देख सकते है।
  • इस नेटवर्क को नेटवर्क डिवाइस की मदद से सभी वर्कस्टेशन, नेटवर्क सर्वर और प्रिंटर आपस में जुड़े हुए होते हैं। प्रिंटर का उपयोग अन्य वर्कस्टेशनों द्वारा किया जा सकता है।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका में इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर्स (IEEE) ने LAN के लिए मानकों की एक श्रृंखला का निर्माण किया, जिसे IEEE 802 मानक कहा जाता है।
  • इस नेटवर्क के उपयोगकर्ता को नेटवर्क में प्रिंटर या फैक्स जैसे उपकरणों को साझा करने की अनुमति देता है।
    तेजी से काम करने के लिए अग्रणी उत्पादकता में सुधार।
  • कई उपयोगकर्ता एक ही समय में डेटा या नेटवर्क तत्वों को साझा कर सकते हैं, जिसके परिणाम स्वरूप तेजी से काम होता है।
  • Computers नेटवर्क में कंप्यूटर के लिए मानक हार्डवेयर का उपयोग करने के रूप में आसान रखरखाव प्रदान करता है।
    Elements सीमित नेटवर्क तत्वों के साथ छोटे नेटवर्क में संचार प्रदान करता है।

3) Wireless Local Area Network अथवा WLAN-

यह LAN के समान ही एक स्थानिय क्षेत्र का Network है, परन्तु WLAN में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बीच कनेक्शन स्थापित करने के लिये Wireless technology जैसे कि WiFi और Bluetooth का उपयोग किया जाता है।

क्योंकि इसमें कंप्यूटरों को इंटरकनेक्ट करने के लिये किसी भी केबल की जरुरत नही इसीलिए ये ऑफिस और छोटी संस्थाओं में अधिक लोकप्रिय है।

4).MAN (Metropolitan Area Network) in Hindi-

  • MAN का पूरा नाम मेट्रोपोलिटन एरिया नेटवर्क है।
  • MAN का area (क्षेत्र) LAN से बड़ा होता है परंतु WAN से छोटा होता है।
  • MAN नेटवर्क LAN की तरह ही होता है परंतु MAN का एरिया बड़ा होता है।
  • MAN वह network होता है जो एक शहर में बहुत सारे computers को आपस में जोड़ता है।
  • उदाहरण के लिए – मान लीजिये आपके पास दिल्ली के अंदर अलग-अलग जगह पर बहुत सारे computers है। अब आप चाहते है कि आपके एक network से ये सभी कंप्यूटर connect हो जाए।
  • तो ऐसे में आपको MAN network की ज़रूरत पड़ेगी। यानी एक network जो बहुत सारे computers को एक जगह से ही connect कर सकता है।
  • MAN network की रेंज 10 KM से लेकर 100Km के आसपास होती है। इसका मतलब आप एक network की मदद से 100 km के area को cover कर सकते है।
  • जो की अपने आप में काफी ज्यादा है। MAN network का इस्तेमाल ज्यादा area को cover करने के लिए ही किया जाता है।
  • MAN network का सबसे अच्छा उदाहरण cable network है। आपने अक्सर अपने घरो में T.V के अंदर cable network देखे होंगे।
  • एक MAN network को खुद एक organization या firm के द्वारा बनाया जाता है। क्योकि firm या organization ही अपने branch को connect करने के लिया इस network को बनाती है।
  • इस network का owner कोई एक व्यक्ति नहीं होता। क्योकि इस network की ownership public और private दोनों होती है। उदाहरण के लिए बैंक की सभी branches को जोड़ने के लिए MAN का इस्तेमाल किया जाता है।
  • MAN में इस्तेमाल होने वाले protocols हैं- RS-232, Frame Relay, ATM, ISDN, OC-3, और ADSLआदि।

(5)-वेन नेटवर्क : WAN (Wide Area Network)-

  • WAN एक विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र शामिल करता है जिसमें कई कंप्यूटर या LAN शामिल होते हैं। यह सार्वजनिक नेटवर्क के माध्यम से कंप्यूटरों को जोड़ता है, जैसे टेलीफोन सिस्टम, माइक्रोवेव, सैटेलाइट लिंक या पट्टे की लाइन। WAN नेटवर्क आकृति मे देख कर समजते है।
  • अधिकांश WAN इंटरनेट एक्सेस के लिए बड़ी कंपनियो के द्वारा पहले से बिछाई हुई Leased Line का उपयोग करते हैं क्योंकि वे तेजी से डेटा ट्रांसफर प्रदान करते हैं।
  • लीज्ड लाइन सेवा प्रदाता और उपभोक्ता के बीच एक समर्पित टेलीफोन कनेक्शन है। Leased Line की गई लाइनों का उपयोग करने का मुख्य लाभ यह है कि नेटवर्क के बाहर अन्य उपयोगकर्ताओं द्वारा कोई हस्तक्षेप नहीं है।
  • WAN एक संगठन को एक ही या विभिन्न शहरों में स्थित अपने सभी विभागों और कार्यालयों के बीच नेटवर्क स्थापित करने में मदद करता है। यह संगठन और दुनिया के बाकी हिस्सों के बीच संचार को भी सक्षम बनाता है।

आशा करते है की आपको उपर बताये गये network kitne prakar ke hote hai और क्या काम आते है यह समझ आ गया होगा.

नेटवर्क डिवाइस के प्रकार |Types of Network Devices in Hindi-

अब हम आपको बताने वाले है की network devices in hindi यानि नेटवर्क डिवाइस कौनसे है और ये क्या कम आते है-

नेटवर्क डिवाइस वह होते हैं जो दो या दो से अधिक कम्प्यूटरों को आपस मे जोड़कर एक ऐसे नेटवर्क का निर्माण करते हैं।

network devices in hindi

जिनकी सहायता से वह आपस मे एक दूसरे के साथ अपने अंदर मौजूद डेटा को एक-दूसरे से शेयर कर पाते हैं। वर्तमान समय मे कई ऐसे अनेकों उपकरण हैं जो इस कार्य के लिए Networking Devices की भूमिका निभा रहे हैं।

नेटवर्किंग डिवाइस को हम निम्न भागों में विभाजित कर सकते हैं-

Modem –

मॉडेम एक हार्डवेयर नेटवर्किंग डिवाइस हैं। जिसका उपयोग Telephone लाइन के माध्यम से किसी कंप्यूटर को इंटरनेट से जोड़ने के लिए किया जाता हैं।

जब आप अपने व्यवसाय या घर में Wifi कनेक्शन का उपयोग करते हैं तो उसमें भी इसी डिवाइस का उपयोग किया जाता हैं। Modem शब्द का निर्माण Mo+Dem शब्द में मिलकर हुआ हैं। जिसको Modulator और Demodulator कहा जाता है।

मॉडेम अपना समस्त कार्य Modulator और Demodulator की प्रक्रिया के आधार पर पूर्ण करता है। जिसमें वह Modulator की सहायता से कंप्यूटर सिस्टम में भेजी गई डिजिटल सूचना (0,1) को एनालॉग सिग्नल में परिवर्तित करता हैं और

Demodulator की सहायता से मॉडेम एनालॉग सिग्नल को डिजिटल सिग्नल में परिवर्तित कर देता हैं। सामान्य शब्दों में कहें तो यह एक Translator की भूमिका निभाने का कार्य करता हैं।

Router –

राउटर भी मॉडेम की तरह एक नेटवर्किंग डिवाइस हैं। यह अपना समस्त कार्य IP Address की सहायता से पूर्ण करता हैं।

इसी के आधार पर यह डिवाइस दो कंप्यूटर के मध्य पैकेट या डेटा को ट्रांसफर करने का कार्य करता हैं। यह एक प्रकार का Intelligent Device होता हैं जिसका अर्थ हैं इसको सिर्फ एक बार सेट करने की आवश्यकता होती हैं। इसके पश्चात यह अपना समस्त कार्य स्वचालित रूप से करने में सक्षम होता हैं।

Hub –

यह एक Physical Layer नेटवर्किंग डिवाइस हैं। जिसका उपयोग दो या दो से अधिक कंप्यूटर को Port के माध्यम से जोड़ने के लिए और सूचनाओं के आदान-प्रदान करने के लिए किया जाता हैं।

यह एक ऐसा नेटवर्किंग डिवाइस होता हैं जिसकी न तो कोई रूटिंग टेबल होती हैं और न ही यह किसी प्रकार का Intelligent Device होता हैं। इस प्रकार के डिवाइस का उपयोग LAN (Local Area Network) को स्थापित करने के लिए अधिक मात्रा में किया जाता हैं।

हब को मुख्यतः 3 भागों में विभाजित किया जाता हैं- Passive Hub, Active Hub और Intelligent Hub यह सभी एक Multi-portable युक्त डिवाइस होते हैं।

इनमें Ports की संख्या 4 से 12 के मध्य होती हैं। यह एक प्रकार का Half-duplex ट्रांसमिशन होता हैं। इस प्रकार के डिवाइस की मुख्य कमी ये होती हैं कि यह एक समय मे किसी एक सूचना को एक साथ एक से अधिक कंप्यूटर में नही भेज सकते।

Switch –

यह भी एक नेटवर्किंग डिवाइस होता हैं। यह Data Link Layer या OSI Model की नेटवर्किंग लेयर पर अपना समस्त कार्य करता हैं। यह एक प्रकार का Intelligent Device होता हैं।

यह डिवाइस एक समय में एक से अधिक डेटा या पैकेट को एक से अधिक कंप्यूटर में बिना किसी टकराव के आसानी से भेज सकता हैं। इस उपकरण में Hub की तुलना में अधिक पोर्ट होते हैं। सामान्यतः स्विच में Ports की संख्या 24 से 48 के मध्य होती हैं।

यह एक Full-duplex ट्रांसमिशन होता हैं। स्विच का मुख्य कार्य भेजे जाने और प्राप्त करने वाले एड्रेस का पता लगाना और उसमें डेटा या पैकेट को फॉरवर्ड करना होता हैं।

यह डिवाइस Star Topology क्षमता से युक्त होता हैं जिस कारण यह अपने अनेकों पोर्ट की सहायता से दो या दो से अधिक कंप्यूटर सिस्टम को एक नेटवर्क प्रदान कर पाने में सक्षम होता हैं।

Bridge –

ब्रिज का कार्य भी स्विच के समान ही होता है यह भी एक नेटवर्किंग डिवाइस हैं। जिसका उपयोग दो या दो से अधिक कंप्यूटर सिस्टम को एक Network के साथ जोड़ने के लिए किया जाता हैं।

यह डिवाइस डेटा ट्रांसफर करने की प्रक्रिया में MAC Address का उपयोग करता हैं। इसका उपयोग सामान्यतः दो Physical LAN को एक बड़े लॉजिकल लेन से जोड़ने या कनेक्ट करने के लिए किया जाता हैं।

Gateways –

यह एक ऐसा हार्डवेयर नेटवर्किंग डिवाइस हैं जो दो नेटवर्क को आपस में जोड़ने के लिए एक मार्ग या रास्ते का कार्य करता हैं।

इसका मुख्य कार्य किसी एक नेटवर्क से डेटा को उठाना और दूसरे नेटवर्क में उसे शेयर करना होता हैं। जिस कारण इसको प्रोटोकॉल कनवर्टर भी कहा जाता हैं। गेटवे एक प्रकार का राउटर, सर्वर या फ़ायरवॉल हो सकता हैं।

Repeater –

रिपीटर एक शक्तिशाली नेटवर्किंग डिवाइस है जिसका उपयोग सिग्नल को Regenerate करने के लिए किया जाता हैं। इसके माध्यम से सिग्नल एक लंबी दूरी को तय करने में सक्षम हो पाते हैं।

जिस कारण सिग्नल की Strength एक समान रहती हैं और इसी की सहायता से इन सिग्नल को आसानी से रीड किया जा सकता हैं।

रिपीटर एक ऐसा हार्डवेयर उपकरण होता हैं जो रिपीटर OSI लेयर (Physical Layer) पर कार्य करता हैं। यह Optical Fiber, Copper Cable और Coaxial Cables से सिग्नल प्राप्त करने में सक्षम डिवाइस होते हैं। इसका मुख्य कार्य सिग्नल को प्राप्त करके उन्हें उच्च गुणवत्ता में पुनः Transmit करता हैं।

निकर्ष-

  • जैसा की आज हमने आपको Network Kya Hai, network full form, network kitne prakar ke hote hai, network devices in hindi के बारे में आपको बताया है.
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